UP Expressway : उत्तर प्रदेश में नया 6 लेन एक्सप्रेसवे मंजूर, छोटे कस्बों और गांवों का बड़े शहरों से होगा जुड़ाव
UP Expressway Updates : यूपी में नए-नए एक्सप्रेसवे की सौगात दी जा रही है। अब हाल ही में यूपी में 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर मंजूरी मिल गई है। इस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से छोटे कस्बों और गांवों से सीधे तौर पर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। यूपी (UP Expressway Updates) के इस नए कॉरिडोर के निर्माण लोगों की यात्रा सुगम हो सकेगी। खबर में जानिए यूपी के इस एक्सप्रेसवे के बारे में।

MY Job Alarm : (UP Expressway) यूपी को अब जल्द ही एक और आधुनिक 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। इस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और साथ ही प्रदेश (UP Expressway Project) के औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
यूपी के इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से सड़क नेटवर्क को ओर मजबूती मिलेगी। खबर में जानिए इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से किन छोटे कस्बों और गांवों का जुड़ाव हो सकेगा।
कौन सा है ये एक्सप्रेसवे
यूपी के इस नए एक्सप्रेस वे (UP New Expessway) को ग्रीन फील्ड मॉडल पर बनाया जाएगा। यानी कि इसे पूरी तरह नए रूट बनाया जाएगा, जिससे सीधी और तेज कनेक्टिविटी तो मिलेगी ही और साथ ही यात्रा समय और ईंधन की खपत भी कम हो सकेगी।
जानिए क्या है एक्सप्रेसवे की खासियत
ये एक्सप्रेसवे अभी 6-लेन (UP Expressway Project 6-Lane) का बनाया जाने वाला है और भविष्य में इसे 8 लेन तक विस्तार किया जा सकता है। ये एक्सप्रसेवे प्रदेश के 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरने वाला है।
इस एक्सप्रेसवे (UP Expressway Project) का मकसद माल ढुलाई को सुगम बनाना, औद्योगिक केंद्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है और इस एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा, विश्राम स्थल, ईंधन स्टेशन, आपातकालीन सेवाएं और CCTV मॉनिटरिंग की सुविधाएं भी मौजुद होंगी।
कैसे होगा प्रदेश में एक्सप्रेस वे नेटवर्क का विस्तार
वैसे तो पहले से ही यूपी में यमुना एक्सप्रेस वे, (Yamuna Expressway in UP) आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े मार्ग स्थापित हैं।
अब यूपी में बनने वाला यह नया एक्सप्रेसवे इन मार्गों को कनेक्ट करने वाला एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर साबित होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि अभी तक पश्चिमी और पूर्वी यूपी के औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए ये नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसमे यह नया मार्ग केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
यूपी सरकार की इस परियोजना से प्रदेश के पिछड़े इलाकों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और रोजगार के अवसरों में बढ़ौतरी हो सकती है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से लॉजिस्टिक हब को बढ़ावा मिलेगा और मालवाहन की तेज और सुगम आवाजाही होगी और साथ ही औद्योगिक गलियारे के आसपास भूमि की मांग में बढ़ौतरी होगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से किसानों को अपने उत्पाद दूरस्थ मंडियों तक पहुँचाने में सुविधा मिल सकेगी।
पर्यावरण के लिए अनुकूल रहेगा डिजाइन
बता दें कि यूपी की इस ग्रीनफील्ड परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण पर खासतौर पर जोर रहेगा और एक्सप्रेसवे के दोनों ओर हरित पट्टी (Green Belt) विकसित की जाएगी। इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे पप जल संचयन (Rainwater Harvesting) के लिए संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं, ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए साउंड बैरियर लगाए जाएंगे और साथ ही ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी प्रस्तावित हैं।
इन जिलों के लिए वरदान साबित होगा ये एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश (New 6-Lane Greenfield Expressway) के जिन 22 जिलों से यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा, वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, तेज़ आवागमन और स्थानीय कारोबार का फायदा मिलेगा और साथ ही छोटे कस्बों और गांवों को राजधानी लखनऊ और NCR से सीधे तौर पर कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इन एक्सप्रेसवे के निर्माण से सड़क यात्रा का समय 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है और इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसार पहुंच हो सकेगी।
क्या है इस परियोजना के पीछे का मकसद
यूपी सरकार (UP Government) का मकसद है कि अगले कुछ सालों में सड़क अवसंरचना को विश्व स्तरीय स्तर पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है कि एक्सप्रेसवे सड़को का जाल होने के साथ ही प्रदेश के विकास का इंजन हैं। जैसे ही ये परियोजना (UP 6-Lane Greenfield Expressway) पूरी होती है तो उसके बाद निवेश, पर्यटन और व्यापार को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।
जानिए क्या होगा आम लोगों पर असर
इस एक्सप्रेसवे (UP Expressway Updates) के निर्माण से आम लोगों को काफी फायदा होगा। जजैसे ही ये एक्सप्रेसवे तैयार होता है तो इससे औद्योगिक शहरों और छोटे कस्बों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
साथ ही मालवाहन की लागत कम होगी और उद्योग प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़भाड़ कम होने के साथ ही सड़क दुर्घटनाएं भी घट सकती हैं। इससे प्रदेश की जीडीपी बढ़ौतरी दर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
कब तक बनकर तैयार होगा ये एक्सप्रेसवे
प्रदेश में काम कर रही लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट कंपनियां इस एक्सप्रेसवे को गेमचेंजर मान रही हैं। इस परियोजना (UP New Expressway Project) के निर्माण से ट्रक और कंटेनर को एक छोर से दूसरे छोर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।
जानकारी के मुताबिक अब तक यूपी की इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Detail Project Report) आखिरी चरण में है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम प्राथमिकता पर होगा।
सरकार ने हिंट दिया है कि अगले साल के मध्य तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है और पूरा एक्सप्रेस वे 3 से 4 सालों में बनकर तैयार हो सकता है।