अब Delhi-NCR से 3 से 4 घंटे में पहुंच जाएंगे लखनऊ, जानिए कब तक तैयार हो जाएगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
Delhi-NCR - नोएडा से लखनऊ तक का सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ गई है. दरअसल 45,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एक्सप्रेसवे (new expressway) बनाया जा रहा है, जिससे यह यात्रा केवल 3-4 घंटों में पूरी हो जाएगी... आइए नीचे खबर में जान लेते है आखिर कब तक तैयार हो जाएगा ये एक्सप्रेसवे-

MY Job Alarm : (Noida-Lucknow Greenfield Expressway) नोएडा से लखनऊ तक का सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ गई है. दरअसल 45,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एक्सप्रेसवे (new expressway) बनाया जा रहा है, जिससे यह यात्रा केवल 3-4 घंटों में पूरी हो जाएगी. यह उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो इन दोनों शहरों के बीच अक्सर यात्रा करते हैं.
इस एक्सप्रेसवे से न सिर्फ यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि व्यापार, इंडस्ट्री (industry) और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी. यह परियोजना उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा कदम है, जो पूरे राज्य को और विकसित बनाएगी.
इसमें यात्रा को सुगम बनाने के लिए सर्विस लेन, ओवरब्रिज, अंडरपास और एक ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं. यह परियोजना, जो नई भूमि पर विकसित की गई है, भीड़ और रुकावटों से रहित एक सीधा और तेज मार्ग प्रदान करती है.
इस सड़क के बनने से हजारों लोगों को नौकरियां मिलेंगी. निर्माण के दौरान सामग्री, इंजीनियरिंग और दूसरी सेवाओं की जरूरत पड़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. रास्ते में पड़ने वाले कस्बों और शहरों में रियल एस्टेट और छोटे-मोटे बिजनेस भी बढ़ेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority) इस प्रोजेक्ट को 2026 तक पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो रही है और जमीन खरीदने का काम भी जल्द शुरू होगा.
यह एक्सप्रेसवे पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा. इसके किनारे लाखों पेड़ लगाने के साथ-साथ, पूरी लाइटिंग सोलर ऊर्जा से चलेगी. एक्सप्रेसवे पर बारिश का पानी जमा करने की व्यवस्था होगी, जिससे भूजल का स्तर बढ़ेगा. यात्रियों की सुरक्षा के लिए, यहां सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
हर 30-40 किलोमीटर पर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट (traffic control unit) और हर 100 किलोमीटर पर फ्यूल स्टेशन और रेस्ट एरिया होंगे. यह सड़क दिल्ली-मुंबई और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai and Purvanchal Expressway) से भी जुड़ सकती है, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.