UP में नई मेट्रो लाइन के लिए होगा भूमि अधिग्रहण, चार गुना दिया जाएगा मुआवजा
UP Metro Updates :यूपी में मेट्रो लाइन के विस्तार के लिए सरकार की ओर से कई नए कदम उठाए जा रहे हैं। अभी यूपी में जल्दी एक नई मेट्रो लाइन का विस्तार किया जाएगा। इस मेट्रो लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस नई मेट्रो लाइन (UP Metro Updates )के लिए किसानों को चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाने वाला है।आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

MY Job Alarm : (UP Metro) यूपी में मेट्रो लाइन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। अब हाल ही में यूपी सरकार ने प्रदेश की एक स्मार्ट सिटी में मेट्रो लाइन के विस्तार को लेकर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।
अब यूपी की इस स्मार्ट सिटी में मेट्रो लाइन (UP Metro Line) के लिए जल्द ही भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और इतना ही नहीं इस मेट्रो लाइन के विस्तार से सबसे ज्यादा फायदा भूमि अधिग्रहणहो होने वाला है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से।
कहां बनेगी मेट्रो लाइट परियोजना
दरअसल, बता दें कि प्रयागराज में लाइट मेट्रो (Prayagraj Light Metro) परियोजना का विकास किया जा रहा है। इस मेट्रो लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए मेट्रो काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिसमें 30 सदस्य शामिल होंगे।
यहां 44 किलोमीटर के दो रूटों पर 39 स्टेशन बनने वाले हैं। भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा (circle rate compensation) अधिक दिया जाएगा। इसके लिए लाइट मेट्रो का संचालन दो फेज में होगा जिसका पहला फेज बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक होकर जाएगा।
मेट्रो के लिए स्टेशन हो चुके तय
प्रयागराज लाइट मेट्रो(Prayagraj Light Metro ) के लिए स्टेशन बनाने का स्थान पहले से तय हो चुके हैं। अब इसके लिए ट्रैक और स्टेशन बनाने के लिए जल्द ही भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए मेट्रो काउंसिल का गठन किया जाएगा और काउंसिल भूमि अधिग्रहण का प्रोसेस शुरू करेगा।
इस गठित होने वाली मेट्रो काउंसिल में 30 सदस्य शामिल होंगे और इसमें प्रमुख सचिव नगर विकास और राज्य निर्वाचन आयुक्त सहित 10 जुड़े विभागों के अधिकारी शामिल होंगे और साथ ही 20 लोगों को काउंसिल का सदस्य बनाया जाएगा।
दो रूट पर होगा मेट्रो का संचालन
प्रयागराज में लाइट मेट्रो (Light Metro in Prayagraj) के संचालन को लेकर बीते गुरुवार को लखनऊ में इस मामले में बैठक हुई है। नगर आयुक्त साईं तेजा और नगर निगम के मुख्य अभियंता भी बैठक में मौजूद रहे।
इस बैठक में सीएम ग्रिड योजना के तहत जो सड़कें बनेंगी, उनका मंथन किया गया। इसके लिए शहर में 44 किलोमीटर की दूरी में लाइट मेट्रो का संचालन दो रूट पर किया जाने वाला है।
मिलेगा सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा
प्रयागराज के इस लाइट मेट्रो (Prayagraj Light Metro Updates)के लिए दोनों रूटों को मिलाकर 39 स्टेशन का निर्माण किया जाएगा और इसमें मुख्य स्टेशन परेड मैदान में बनाया जाएगा। लागत की बात करें तो लाइट मेट्रो के संचालन में 8747 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
इसका संचालन बमरौली से सिटी लेक झूंसी तक 23 किलोमीटर और शांतिपुरम से छिवकी 21 किलोमीटर तक किया जाने वाला है। इसके लिए तकरीबन 100 गांव के काश्तकारों से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और इन 100 गांव के काश्तकारों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
दो फेज में होगा मेट्रो का संचालन
प्रयागराज लाइट मेट्रो (Light Metro in Prayagraj) कि ट्रैक और स्टेशन बनाने में जो मकान आने वाले हैं, उसकी कीमत का दो गुना मुआवजा दिया जाएगा। अपर नगर आयुक्त का कहना है कि बमरौली, झूंसी, फाफामऊ और नैनी क्षेत्र में ट्रैक और स्टेशन बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण शुरू किया जाएगा और लाइट मेट्रो का संचालन दो फेज में कराया जाएगा।
कौन से स्टेशन होंगे शामिल
इसके पहले फेज में बमरौली से झूंसी सिटी (Bamrauli to Jhunsi City)लेक तक 20 स्टेशन को निर्माण किया जाएगा। वहीं शांतिपुरम से छिवकी तक 19 स्टेशन को बनाया जाएगा। इस दौरान एक स्टेशन पर एक से दो मिनट तक लाइट मेट्रो का स्टापेज आएगा। इस रूट पर कई स्टेशन शामिल होंगे।
इन स्टेशन में बमरौली,शमीम मार्केट, ट्रांसपोर्टनगर, गयासुद्दीनपुर, धूमनगंज, वसुंधरा विहार कालोनी,मीरापट्टी, सूबेदारगंज, एल रोड, प्रयागराज जंक्शन, सिविल लाइंस, मेडिकल कालेज चौराहा, आजाद नगर, झूंसी, मधवापुर, संगम, त्रिवेणीपुरम, सिटी लेक फारेस्ट का नाम शामिल होगा।
शांतिपुरम से छिवकी रूट में आएंगे ये स्टेशन
शांतिपुरम से छिवकी रूट (Shantipuram to Chheoki Route)21 किमी का होने वाला है और इस बीच कई स्टेशन आएंगे। इन स्टेशन में शांतिपुरम, गंगानगर, फाफामऊ, प्रीतमनगर, , मजार चौराहा,एमएनएनआईटी, तेलियरगंजइवि,यूनिवर्सिटी रोड, परेड मैदान, मिंटो पार्क, कर्नलगंज, प्रीतमगंज, महेवा पट्टी, अंबेडकर नगर, अरैल, नैनी बाजार रोड, नैनी, छिवकी स्टेशन का नाम शामिल है।
कौन सी होती है लाइट मेट्रो
जानकारी के लिए बता दें कि लाइट मेट्रो (Light Metro kya hai), मेट्रो से थोड़ी छोटी होती है, जिसमे तीन कोच होते हैं। तीनों डिब्बों में एक साथ 200 से 300 यात्री बैठ कर यात्रा कर सकते हैं। लाइट मेट्रो का ट्रैक सड़क के समानांतर जमीन पर होता है।
यहां पर सड़क और फुटपाथ की चौड़ाई कम होती है और उस स्थान के लिए लाइट मेट्रो का संचालन काफी यूजफुल हो सकता है। लाइट मेट्रो का स्टेशन भी स्टेशन की तरह ही होता है और साथ ही इसका दायरा छोटा होता है।