Delhi NCR में बनेगा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, भूमि की गई चिन्हित
Delhi NCR News : दिल्ली एनसीआर में लगातार नए नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण हो रहा है। अब यहां पर एक और नया रेलवे स्टेशन बनाया जाने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि ये रेलवे स्टेशन (Railway Station in Delhi NCR) सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन रहने वाला है। इसके लिए भूमि को चिन्हित करनी शुरू कर दी गई है। इस रेलवे स्टेशन के बनने की वजह से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

MY Job Alarm : (Delhi NCR News)। दिल्ली एनसीआर में अब एक और नया रेलवे स्टेशन बनाया जा रहा है। इस रेलपे स्टेशन के बनने की वजह से यहां पर लोगों को रोजगार के भी नए नए मौके मिलने वाले हैं।
इसके अलावा दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR Metro Station) की ओद्योगिक रफ्तार को भी तेजी मिलने वाली है। आइए जानते हैं कि ये रेलवे स्टेशन कहां पर बनाया जाने वाला है ओर इनके तरह कितने प्लैटफॉर्म और लाइन का निर्माण होने वाला है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
इतनी लाइन और प्लैटफॉर्म का होगा निर्माण
ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन का निर्माण करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए इंजीनियरिंग योजना (Engineering Plan) को लेकर भी कार्य शुरू कर दिया गया है।
वहीं, भविष्य की जरूरतों पर नजर रखते हुए रेलवे ने कुछ और जमीन की डिमांड की है। इस स्थिति में प्रस्तावित 13 प्लैटफॉर्म और 98 लाइन की संख्या में इजाफा होगा।
डीएमआईसी के तहत इतनी भूमि का होगा अधिग्रहण
दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन (Anand Vihar Railway Station) पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार करके इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाने वाला है।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत यहां 358 एकड़ में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH Latest Project) विकसित किये जा रहे हैं। बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार इसी का हिस्सा रहने वाला है।
एक ही परिसर में ट्रेन, मेट्रो और बस की सुविधा (Bus facility in UP) प्रदान की जाने वाली है। जोकि यात्रियों के लिए काफी लाभकारी रहने वाला है।
इनी भूमि का होगा अधिग्रहण
डीएमआईसी के अधिकारी के अनुसार पिछले दिनों रेलवे (Indian railway) के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बोड़ाकी का निरीक्षण करने आया था। विभाग के अधिकारी द्वारा भविष्य की जरूरतों पर नजर डालते हुए प्रस्तावित 13 प्लैटफॉर्म से आगे की सोच की जा रही है।
इसके लिए कुछ और जमीन (Land acquisition for station) देने का प्रस्ताव प्राधिकरण के सामने पैश किया जाने वाला है। फिलहाल रेलवे को 137 एकड़ जमीन प्रदान कर दी गई है।
भविष्य में होगा रेलवे स्टेशन का विस्तार
अधिकारी के अनुसार अतिरिक्त जमीन मिल जाने पर रेलवे स्टेशन और यार्ड का क्षेत्रफल बढ़ा दिया जाएगा। ऐसे में भविष्य में विस्तार करने और अन्य सुविधाएं (Facilities in Metro Station) बढ़ाने में आसानी होगी।
प्रशासन द्वारा परियोजना से प्रभावित खसरा संख्या के सर्वे का काम तेज हो रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करके रेलवे को जल्द जमीन (Land acquisition for metro station) प्रदान करने का है, इसको ध्यान में रखते हुए परियोजना पर कार्य शुरू किया जा सकता है।
जमीन को किया गया आरक्षित
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बस डिपो के लिए 12.5 एकड़, मेट्रो के लिए 5.5 एकड़ और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 65 एकड़ जमीन आरक्षित (Land Reserve) कर दिया गया है। इसकी के हिसाब से ही रेलवे स्टेशन का निर्माण होगा।
दो जोन में होगा विकास
अधिकारियो के अनुसार एमएमटीएच का विकास दो जोन में बांटकर किया जा रहा है। जोन-1 में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी), क्षेत्रीय बस टर्मिनल (Regional Bus Terminals), मेट्रो रेल ट्रांजिस्ट सिस्टम के साथ व्यावसायिक और खुदरा कारोबार से जुड़ी गतिविधियां शामिल किया गया है।
स्टेशन पर चलेगी इतनी ट्रेन
न्यू नोएडा, ग्रेटर नोएडा फेज-टू (Greater Noida Phase-II) को बसाने की प्लानिंग की जा रही है। इसको मध्यनजर रखते हुए रेलवे कोई कमी नहीं छोड़ना चाह रहा है। भविष्य की जरूरतों पर नजर रखते हुए अभी से पर्याप्त जमीन की व्यवस्था कर ली जाएगी।
रेलवे स्टेशन (New Railway Station in Noida) भविष्य में और विस्तार की जरूरत पड़ने पर जमीन की कमी आड़े हाथ न आए। इसके बाद में आसपास जमीन मिलना मुश्किल होने वाला है।
बोड़ाकी में विकसित होने वाले रेलवे स्टेशन से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार (Bihar news) और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली 70 से अधिक ट्रेनों का परिचालन किए जाने की प्लानिंग की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की परियोजना
श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, बोड़ाकी को दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के रूप विकसित किया जाएगा। इसकी वजह से दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन (anand vihar station) पर यात्रियों का दबाव कम होगा।
परियोजना पर कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसकी वजह से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी तेजी जाने की संभावना है। किसानों से बातचीत कर सर्वे का कार्य चल रहा है।