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New Rule for Agniveer Vacancies: अग्निवीर भर्ती में सिलेक्शन और भी मुश्किल अब एक और परीक्षा देनी होगी

नमस्कार दोस्तों ,आज के इस आर्टिकल में आप सभी का स्वागत है। आज के इस आर्टिकल में एक महत्वपूर्ण सूचना के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। अब अग्नि वीर नौकरी के लिए एक और अधिक परीक्षा होगी। सरकार ने अग्नि वीर भर्ती के तहत एक और नया नियम लागू कर दिया है। धीरे-धीरे यह नियम सभी भर्तीयों के लिए लागू किया जाएगा।

सेवा में भर्ती होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए एक जरूरी सूचना है इस बार अग्निवीर भर्ती में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को एक और परीक्षा से गुजरना पड़ेगा इसके लिए तीन पैरामीटर पर जवानों की जांच होगी यानी कि एक तरीके से परीक्षा ही आयोजित करवाई जाएगी जो की सबसे पहले अग्निवीर के तहत आयोजित करवाई जाएगी उसके बाद में धीरे-धीरे अन्य भर्तीयों पर भी लागू कर दी जाएगी।

Agniveer Opportunity New Rule
Agniveer Opportunity New Rule


मानसिक जांच परीक्षा


हम आपको बता दे की सेवा सूत्रों का कहना है की सेवा में भर्ती होने वाले उम्मीदवारों को इस साल अनिवार्य रूप से मानसिक जांच परीक्षा से गुजरना होगा ।इसमें 3 पैरामीटर्स को निर्धारित किया गया है। पहला, कहानी में खुद को किसी भी तरह के नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति नहीं है। दूसरा, व्यक्ति दूसरों को भी किसी भी तरह का हानि नहीं पहुंचाएगा। और तीसरा, सामाजिक दृष्टि से उसकी प्रवृत्ति नकारात्मक नहीं है।

इन तीनों पैरामीटर को पास करने वाला ही सैनिक बनने का मौका पाएगा। अगर यह तीनों पैरामीटर पास नहीं होते हैं तो उसे इस परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि यह प्रावधान अग्निवीरों से शुरू होगा और अन्य भर्तीयों पर भी लागू होगा जहां सीधी भर्ती है वहां भी उम्मीदवारों को यह परीक्षा देनी होगी माना जा रहा है कि यह कदम सेवा में आत्महत्या या सहयोगियों के बढ़ते हमलो को देखते हुए समाज विरोधिकारी में लिप्त होने के मध्य नजर किया जा रहा है।

आगे बढ़ने के लिए, अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में मानसिक स्वास्थ्य जांच परीक्षा को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया जा रहा है। पिछले साल, इस परीक्षण को रोहतक में परीक्षण किया गया था, और इस साल 2024-25 के दौरान, इसे पूरी तरह से लागू करने का निर्णय लिया गया है।सेवा में अग्निवीरों के साथ-साथ मिलिट्री पुलिस में भी भर्ती होने वाले जवानों के लिए यह परीक्षा लागू की जाएगी।

मेडिकल के दौरान होगी यह परीक्षा


सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य की जाँच के लिए हमने एक मॉड्यूल तैयार किया है, जिसमें हमने ऊपर दिए गए तीन पैरामीटरों का उपयोग किया है। इन पैरामीटरों को मेडिकल जाँच के दौरान ही लागू किया जाएगा ताकि इस परीक्षा का पूरा होना सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में, सूत्रों के अनुसार, प्रतिवर्ष 100 से 140 जवान आत्महत्या कर रहे हैं। 2017 से 2022 तक, तीन सेनाओं में मिलकर लगभग 800 जवानों ने आत्महत्या की है। हालांकि इसमें कुछ मामले गलती से गोली चलने के कारण भी हो सकते हैं।

कई ऐसे प्रसंग हुए हैं जब युवा अपनी छुट्टियों को लेकर असमंत रहने पर अपने दुसरे कार्यों में अपने साथियों पर हमला कर दिया है। सेनानी बताते हैं कि युवाओं में बढ़ता तनाव को संभालने के लिए मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू किया गया है।

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