Private Railway Station : ये है देश का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन, यात्रियों को मिलती हैं फाइव स्टार होटल वाली सुविधाएं
My job alarm - Private Railway Station in India: भारत का हर क्षेत्र दिन-भर-दिन तरक्की कर रहा हैं। लेकिन यदि रेलवे विभाग की बात की जाए तो भारतीय (RLDA) रेलवे का इन दिनों कोई मुकाबला नहीं हैं। अब वो समय दूर नहीं जब भारत, रेल परिवहन में और देशों से सबसे आगे होगा। अब तो सेमी हाई स्पीड ट्रेनों ने भी लोगों के बीच जगह बना ली है। भले ही यहां विजिट करना लोगों के खर्चीला साबित होगा, लेकिन यहां पर (RLDA Private Railway Station) लग्जरी सुविधाएं मिलने से सफर काफी ज्यादा आसान हो गया है। एक ऐसी ही वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ लोगों के लिए प्राइवेट रेलवे स्टेशन शुरू किया गया है।
हम आपको भारत के पहले प्राइवेट रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं। इस रेलवे स्टेशन का नाम हैं रानी कमलापति। यह रेलवे स्टेशन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित हबीबगंज में है। इस स्टेशन का पुराना (second Private Railway Station) नाम हबीबगंज है, जिसे 13 नवंबर 2021 को बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया। इस रेलवे स्टेशन का रीडेवलपमेंट करके इसे हाईटेक स्टेशन बनाया गया। जिसके बाद देश को एक और प्राइवेट स्टेशन मिला।
भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन
भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन हबीबगंज में स्थित है, जोकि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौजूद है। IRDC के अनुसार इस रेलवे स्टेशन को प्राइवेट पार्टनरशिप की मदद से इंटरनेशनल (rani kamlapati railway station) स्तर पर इतना डेवलप किया जा चुका हैं कि यहां पर लोगों को एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट जितनी लग्जरी सुविधाएं मिलती हैं। बता दें, साल 2021 में हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया था। रेल टिकट में भी अब इस नाम को देखा जा सकता है।
रेलवे स्टेशन पर मिलने वाली सुविधाएं -
यह स्टेशन अब एक आधुनिक टर्मिनल का रूप ले चुका है। जिसके चलते यहां पर सिर्फ रेलवे या यात्रा से जुडी सुविधाएं नहीं बल्कि यहां यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं। स्टेशन के (rani kamlapati railway station old name) अंदर ही शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्तरां, कार पार्किंग जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यात्री यहां आराम से समय बिता सकते हैं और यात्रा को एक सुखद अनुभव बना सकते हैं। इस स्टेशन पर एनर्जी के लिए सोलर पैनल लगाए हैं, जिससे मिलने वाली ऊर्जा को कामों में लगाया जा सके।
आपात स्थिति में 4 मिनट में यात्री निकल सकेंगे स्टेशन से बाहर -
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी सुविधा दी गई हैं कि इस स्टेशन का मॉडल इस तरह से तैयार किया गया था कि (habibganj railway station new name) किसी भी तरह की इमरजेंसी में यात्रियों को 4 मिनट में स्टेशन से निकाला जा सके। इससे किसी आपात स्थिति में यात्रियों की जान को खतरा नहीं होगा।
कौन थीं रानी कमलापति?
लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता हैं कि जिसके नाम पर देश के पहले रेलवे स्टेशन का नाम रखा गया आखिर वह कौन थी? रानी कमलापति एक गोंड रानी थीं, जिनका विवाह गिन्नोरगढ़ के राजा निजाम शाह के साथ हुआ था। मध्य प्रदेश के इतिहास में इन्हें बड़े ही सम्मान के साथ याद किया जाता है। हबीबगंज रेलवे स्टेशन का जब रिडेवलपमेंट वर्क पूरा हो गया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में इसका उदघाटन किया था। उसी समय हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन कर दिया गया है।
इसी मॉडल से तैयार होंगे ये स्टेशन -
आपको जानकर खुशी होगी कि दरअसल, इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलोपमेन्टकॉरपोरेशन इस समय 8 रेलवे स्टेशनों का (1st private railway station) पुनर्निर्माण कर रहा है। इनमें चंडीगढ़, भोपाल का हबीबगंज, पुणे का शिवाजीनगर, नई दिल्ली के बिजवासन, आनंद विहार, गुजरात का सूरत, पंजाब का एसएएस नगर (मोहाली) और गुजरात का गांधीनगर रेलवे स्टेशन आते हैं। इन स्टेशनों की डेवलेपमेंट के बाद यहां पर भी लग्जरी सुविधाएं मिलनी शुरू मिलनी शुरू हो जाएगी।
